क्यों ज़रुरी है लड़कियों की शिक्षा?

girl child education अग. २७, २०१९


शिक्षा ही वो माध्यम है जिसके द्वारा हमारा पूरी तरह से मानसिक विकास होता है। एक ऐसा हथियार है जिसका प्रयोग करके जीवन में बड़े से बड़ा मुक़ाम को हासिल किया जा सकता है। एक शिक्षित इंसान में सोचने – समझने की ज़्यादा शक्ति होती है एक अशिक्षित इंसान के मुक़ाबले में। लड़कियाँ हमारे समाज का अहम हिस्सा हैं। हमारे घर और समाज के लिए लड़कियों का शिक्षित होना बहुत ज़रुरी है।

अगर लड़की शिक्षित है तो वो अपने जीवन से सम्बंधित सही निर्णय ले सकती है। और सही दिशा में अपना करियर (career) बना सकती है। एक महिला के उपर पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी होती है एक महिला ही आने वाली पीढ़ी को जन्म देने वाली होती है। अगर वह शिक्षित है तो आने वाली पीढ़ी का सही - मार्ग दर्शन कर सकती है। एक बच्चे के आने वाले भविष्य का भी सही से निर्माण कर सकती है।

सिर्फ़ नौकरी करने और वेतन कमाने के लिए ही शिक्षित होना ज़रुरी नहीं है। बहुत सारे लोगों की यही सोच है ख़ासतौर पर गाँव या पिछड़े इलाक़ों में लोग मानते है क़ि “लड़की है तो बड़े होकर घर का चूल्हा – चौका ही तो करना है "
चूल्हा – चौका करने के साथ - साथ उसे पूरे परिवार को भी तो संभालना होता है। परिवार और समाज के बहुत से ऐसे काम ऐसे होते हैं जो उसकी समझदारी पे टिके होते हैं। जैसे की बच्चों की पढ़ाई, परिवार - नियोजन, अपने मत का उचित प्रयोग, समाज के प्रति अपना कर्तव्य जैसे ऐसे कितने ही काम है जो बिना शिक्षा के सही तरीक़े से नहीं हो सकते।

अगर लड़की शिक्षित है तो उसे अपने अधिकारों के बारे में पता होता है। अज्ञानता के कारण कोई भी उसका ग़लत फ़ायदा उठा सकता है। अगर लड़की शिक्षित है तो उसमें सही - ग़लत को समझने की क्षमता ज़्यादा होती है और उसकी समझदारी की वजह से कोई भी उसका ग़लत फ़ायदा उठाने की नहीं सोचेगा।

दूसरी तरफ़ अगर एक लड़की शिक्षित है तो वो पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती है जिससे वह अपने परिवार की समृद्धि के साथ - साथ अपने देश की प्रगति में भी अपना सहयोग कर सकती है।हमारे देश में 48% संख्या महिलाओं की है। जो हमारे देश की कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा है। अगर देश के आधे हिस्से को ही हम शिक्षित नहीं करेंगे तो हमारा देश कैसे प्रगति करेगा। यदि हमें अपने समाज और देश की प्रगति करनी है तो महिलों का शिक्षित होना बहुत ज़रुरी है। बिना शिक्षा के बदलाव मुमकिन नहीं।


सुमित सिंह

मेरा नाम सुमित सिंह है। मैंने इतिहास में स्नातकोत्तर किया है तथा मैं दो सुंदर बेटियों की माँ हूँ।मैंने यह ब्लॉग मेरे जैसी अन्य महिलाओं से बात करने के लिए बनाया हैं।