नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

NEGATIVE THINKING अक्टू. ०४, २०१९


जीवन को जीने के दो पहलू होते हैं :-सकारात्मक और नकारात्मक। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो जीवन क़ी बुरी से बुरी स्तिथि में भी सकारात्मक रहते हैं और कुछ ऐसे जो स्तिथि चाहे कितनी भी सही हो पर हर चीज़ को नकारात्मक रूप से ही देखते हैं।

हमारे आस पास बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो हर स्तिथि में नकारात्मक ही सोचते हैं और नकारात्मक ही बोलते है ऐसे लोगों से थोड़ी दूरी बनाए रखने में ही भलाई होती है क्योंकि ऐसे लोग अपने साथ साथ हमें भी नकारात्मक बना देते हैं। सकारात्मक रहने से हम रिश्तों को भी अच्छे से निभा पाते हैं। कोई भी इंसान parfect  नहीं होता हर किसी मैं कोई न कोई ख़ूबी होती है तो कोई न कोई कमी।

किसी दूसरे के द्वारा किया गया कोई काम आपको ग़लत लग सकता है पर जिसने वो किया उसने अपनी तरफ़ से सही किया। ये हमारा नज़रिया ही होता है जो किसी चीज़ को सही या ग़लत बनता है। अगर हमारा नज़रिया सकारात्मक है तो हम किसी स्तिथि के दोनो पहलू देख पाने में सक्षम होते हैं पर नकारात्मक नज़रिया रखने वाले लोग हमेशा नतीजे पर पहुँच जाते हैं और ज़्यादातर नकारात्मक नतीजे पर ही पहुँचते हैं।

इसलिए हमेशा सकारात्मक विचार रखने की किशिश करें। इससे हमारे रिस्ते भी बने रहते हैं और जीवन भी आसान हो जाता है इसके विपरीत नकारात्मक सोच रखने से हम हमेशा किसी न किसी परेशानी में ही रहते हैं। किसी के नकारात्मक विचारों में हाँ में हाँ मिलने से अच्छा है आप अपनी सकारात्मक सोच से उसके विचारों को बदलने की कोशिश करें। हो सकता है आपकी सकरात्मक सोच उसको भी सकारात्मक सोचने में मदत कर सके।


सुमित सिंह

मेरा नाम सुमित सिंह है। मैंने इतिहास में स्नातकोत्तर किया है तथा मैं दो सुंदर बेटियों की माँ हूँ।मैंने यह ब्लॉग मेरे जैसी अन्य महिलाओं से बात करने के लिए बनाया हैं।