इंटर्नेट जागरूकता - आम बातें - I

IT अग. १३, २०१९


इस वेब्सायट पर हमारी कोशिश है की हम महिलाओं के साथ उनकी रोज़मर्रा के ज़िंदगी से जुड़े विषयों पर भी बात करें। हर मंगलवार तथा गुरुवार को मैं यहाँ पर सूचना प्रोदयोगिकी (Information Technology) यानी कम्प्यूटर से जुड़े विषयों पर लेख लिखूँगा। मेरा उद्देश्य यहाँ यह है की आप इनके माध्यम से इंटर्नेट का इस्तेमाल करके सुरक्षित तरीक़े से जानकारी प्राप्त करना सीख जाएँ। धीरे धीरे हम और बड़े विषयों पर बात करेंगे जैसे अपनी निजी पहचान को सुरक्षित रखना इत्यादि।

इंटर्नेट को अगर हम बेहद सरल भाषा में समझें तो हम इसे एक जाल की तरह जान सकते हैं। पूरी दुनिया में बहुत सारे कम्प्यूटर एक दूसरे से इंटर्नेट के माध्यम से जुड़े हैं। इंटर्नेट मोबाइल फ़ोन पे भी उपलब्द होता है क्यूँकि आपका मोबाइल फ़ोन रेडीओ सिग्नल की मदद से आपकी मोबाइल कम्पनी के कम्प्यूटर या सर्वर के सम्पर्क में रहता है। इंटर्नेट मूलभूत रूप में सूचना का आदान प्रदान करने वाली बहुत सी तकनीकों का एक मिला जुला रूप है।
उदाहरण के तौर पर आप इस पेज को ऐच टी ऐम एल (HTML) रूप में हमारे कम्प्यूटर सर्वर से अपने फ़ोन या कम्प्यूटर पर डाउनलोड करते अर्थात खींचते हैं। आपका फ़ोन या कम्प्यूटर हमारे सर्वर (कम्प्यूटर) से एच टी टी पी (HTTP) नामक कुछ नियमों की मदद से बात करता है। इंटर्नेट से जुड़ने के लिए कई क़िस्म के माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे कि रेडीओ सिग्नल, फ़ोन लाइन यहाँ तक कि रोशनी का भी। कुछ माध्यम दूसरों से बेहतर होते हैं क्यूँकि उनके इस्तेमाल से हम सूचना को ज़्यादा जल्दी दो कम्प्यूटर या अन्य उपकरणों तक पहुँचा सकते हैं। जैसे की रोशनी का इस्तेमाल करने वाले माध्यम को ऑप्टिकल फ़ाइबर (Optical Fibre) नेट्वर्क कहा जाता है। रोशनी एक सेकंड में ३ लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर सकती है। इसी वजह से यह नेट्वर्क सबसे तेज़ माध्यमों में से एक है।

आइए अब कुछ मज़ेदार शब्द सीखें।

  1. सर्फ़िंग (Surfing): जब आप इंटर्नेट पर अलग अलग वेबसायिट पे जानकारी पढ़ते हैं तो उसे इंटर्नेट की भाषा में सर्फ़िंग कहते हैं। इसका दूसरा नाम ब्राउज़िंग भी है।
  2. ब्राउज़र (Browser): कम्प्यूटर या मोबाइल पर वह प्रोग्राम या ऐप जिसका इस्तेमाल आप सर्फ़िंग या ब्राउज़िंग के लिए कर सकते हैं। इनको वेब ब्राउज़र भी कहते हैं।
  3. बैंड्विड्थ (Bandwidth): आपके इंटर्नेट कनेक्शन की गति या स्पीड को बैंड्विड्थ भी कहा जाता है।
  4. यू आर एल (URL): हर वेब्सायट और हर पेज को इंटर्नेट पर एक पता मिलता है जिसे हम यू आर एल (URL) या यूनफ़ॉर्म रीसॉर्स लोकेशन अथवा यू आर आइ (URI) अर्थात यूनफ़ॉर्म रीसॉर्स इडेंटिफ़ायर भी कहते है।
  5. वेब पेज (Web Page): एक वेब्सायट बहुत सारे वेब पेजों का एक समूह या ग्रूप होती है। जैसे अभी जो आप पढ़ रहे हैं वो एक वेब पेज है।

आशा करता हूँ की आपको आज की जानकारी उपयोगी लगी होगी। अगर आप कोई सूझाव देना चाहते हैं या किसी ख़ास विषय के बारे में जानना चाहते है तो हमारे फ़ेस्बुक पेज पर मेसिज करें या मुझे ईमेल करें मेरा ईमेल ऐड्रेस (पता) है contact@pradeep.vip.


प्रदीप सिंह

मेरा नाम प्रदीप है और में यहाँ एक मेहमान लेखक हूँ। अपने व्यग्तिगत जीवन में मैं दो चुलबुली बेटीयों का पिता होने की वजह से मुझे नारी व्यक्तित्व को बेहद नज़दीक से देखने का अवसर प्राप्त हुआ है।