अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचाने

business अग. ३०, २०१९


हर इंसान के अंदर कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। बस ज़रूरत है तो उसे समय रहते पहचानने की। बहुत बार इसे पहचानने में टाईम  लग जाता है पर इसका मतलब ये नहीं की हमारे अंदर कोई प्रतिभा ही नहीं है और कई बार पता होने पर भी हम कुछ नहीं करते हैं क्योंकि हम अपने सुरक्षित दायरे(COMFORT ZONE) से बाहर ही नहीं आना चाहते। बस जैसे तैसे जीवन काट रहे होते हैं या जब तक ज़रूरत ना पड़े कुछ नहीं करते हैं। हमें लगता है की क्या ज़रूरत है। ज़िंदगी सही तो चल रही है। पर ऐसा करके आप सिर्फ़ अपने आपको धोखा देते हैं और कुछ नहीं। जब आप अपनी प्रतिभा को पहचान लेते हैं तब कुछ अच्छा करने के लिए उठ खड़े होते हैं और अपने साथ – साथ अपने आस – पास वाले लोगों के लिए प्रेरणा बनते है। जो लोग अपने जीवन में एक ख़ास मुक़ाम पर हैं वो हमसे कुछ अलग नहीं हैं वो हम जैसे ही हैं बस फ़र्क़ इतना होता है कि वो समय रहते अपनी प्रतिभा को पहचान लेते हैं और उस पर काम करना शुरू कर देते हैं और सफलता प्राप्त कर लेते हैं और हमारे लिए एक मिसाल बनते हैं।

अगर प्रतिभा पहचानने के बाद भी हमारे अंदर आत्म विश्वास की कमी है तब भी हम अपनी मंज़िल को नहीं पा सकते और आत्म विश्वास को पाने के लिए हमें पहला क़दम तो बढ़ना ही पड़ेगा। कोई बात नहीं, क्या होगा? ज़्यादा से ज़्यादा हम असफल (FAIL) हो जाएँगे पर इस असफलता से भी एक अच्छी बात ये होगी कि आपको कुछ सिखने को मिलेगा। आपको एक बात और बताती हूँ असफलता हमारी सफलता की पहली सीढ़ी  का काम करती है। हम जितनी बार भी असफल होंगे उतने बार ही हमें कुछ न कुछ अनुभव (EXPERIENCE) तो ज़रूर होगा और यही अनुभव हमारा आत्म विश्वास बढ़ाने में हमारी मदद करेगा। इसी आत्म विश्वास के साथ हम अपनी प्रतिभा अपने हुनर का सही प्रयोग कर सकते हैं।जब हम अपनी प्रतिभा को पहचान कर आगे बढ़ते हैं तो बहुत से और भी लोग हमारे साथ जुड़ते चले जाते हैं।हम अपने साथ साथ दूसरे लोगों को भी एक दिशा प्रदान करते हैं। हम उनके लिए प्रेरणा बनकर उन्हें भी अपने अंदर छिपी प्रतिभा को टटोलने का मौक़ा देते हैं।

इसलिए अपने जीवन को एक नयी दिशा दें और एक लक्ष्य निर्धारित करें।बिना किसी लक्ष्य के जीवन जीना ऐसा ही है जैसे किसी अँधेरी गुफा में चलते जाना कब गहरा गड्ढा आ जाए और आप उसमें गिर कर कब ख़त्म हो जाएंगे आपको पता भी नहीं लगेगा। रोशनी का उजाला केवल लक्ष्य निर्धारित करके उसपर  निरंतर कार्यरत रहने में ही है। इसलिए अपने अंदर छिपी प्रतिभा को खोज निकालो और उसका प्रयोग करके अपने जीवन को एक लक्ष्य प्रदान करो ताकि तुम दूसरों के लिए प्रेरणा बन सको।


सुमित सिंह

मेरा नाम सुमित सिंह है। मैंने इतिहास में स्नातकोत्तर किया है तथा मैं दो सुंदर बेटियों की माँ हूँ।मैंने यह ब्लॉग मेरे जैसी अन्य महिलाओं से बात करने के लिए बनाया हैं।