फ़ेस्बुक लाइक और शेयर कैसे करें

facebook अग. १७, २०१९


आज में आपको इस पोस्ट में बताऊँगा की आप फ़ेस्बुक पर लाइक और शेयर कैसे कर सकते हैं। इसके साथ ही मैं आपको फ़ेस्बुक के बारे में कुछ आम बातें भी बताऊँगा। चलिए सबसे पहले समझते है की फ़ेस्बुक क्या है?

फ़ेस्बुक एक सामाजिक नेट्वर्क यानी लोगों का समूह है जो अपने बारे में अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ फ़ोटो (तस्वीर) या कोई भी अन्य जानकारी बाँट सकते हैं। फ़ेस्बुक से जुड़ने के लिए आप अपने मोबाइल नम्बर या ईमेल का प्रयोग कर सकते हैं। ध्यान रहे फ़ेस्बुक एक सार्वजनिक ऑनलाइन (यानी इंटर्नेट से जुड़ा) माध्यम है। इसका अर्थ है जो भी जानकारी आप फ़ेस्बुक पर डालते हो वो पब्लिक (सार्वजनिक) रूप से इंटर्नेट पे उपलब्ध होती है। आप इसको अपने फकबूक अकाउंट की सेटिंग्स में जाकर बदल सकते हैं जिसके बाद आपकी जानकारी कुछ सीमित लोगों को ही उपलब्ध होगी। आज के डिजिटल युग में अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद ज़रूरी है। कोई भी इंसान आपकी जानकारी जैसे की फ़ोटो (तस्वीर), ऐड्रेस (पता), फ़ोन नम्बर या ईमेल इत्यादि का दुरुपयोग कर सकता है। इसलिए फ़ेस्बुक जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करते वक़्त सावधान और सतर्क रहने के अत्यंत आवश्यकता है। अगर आप अपने आप को इस बारे में शिक्षित और जागरूक रखेंगे तो आप इस माध्यम का इस्तेमाल सुरक्षापूर्वक कर सकेंगे।

आइए अब जानते हैं की फ़ेस्बुक पर कितने प्रकार के अकाउंट या खाते बनाए जा सकते हैं। फ़ेस्बुक पर सबसे मूलभूत खाते का प्रकार निजी खाता (personal account) होता है। कोई भी व्यक्ति जो फ़ेस्बुक जोईन करना चाहता है अपने फ़ोन नम्बर या ईमेल से फ़ेस्बुक जोईन कर सकता है। आज (१७ अगस्त २०१९) के अनुमानों के हिसाब से फ़ेस्बुक पर ५ से १० (5 to 10) फ़ीसदी खाते फ़ेक अर्थात नक़ली हैं (इसका कई अर्थ हैं जैसे जिसके नाम पे खाता बनाया गया वह इंसान वास्तव में मौजूद नहीं है अथवा एक इंसान ने एक से ज़्यादा निजी खाते बना रखे है इत्यादि)। आपको सावधानी बरतनी चाहिए की आप ऐसे खातों से फ़्रेंड रिक्वेस्ट ना स्वीकार करें। एक बार आपकी फ़्रेंड लिस्ट में शामिल होकर ये आम तौर पर आपकी जानकारी को चुराने की कोशिश करेंगे। आम तौर पर आपकी जानकारी सिर्फ़ आपके मित्रों को ही उपलब्ध होती है और ये आपकी फ़्रेंड्स लिस्ट में आकर आपकी संपर्क सूचना, तस्वीर या आपके परिवार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जो की बेहद ख़तरनाक साबित हो सकता है।

जो दूसरे प्रकार के खाते हैं वो हैं ऐसे खाते जिन्हें हम पेज के नाम से जानते हैं। उदाहरण के तौर पे हमारी वेब्सायट का फ़ेस्बुक पेज। ऐसे खाते हमेशा किसी निजी खाते के साथ जुड़े होते हैं। चूँकि फ़ेस्बुक एक सामाजिक माध्यम है फ़ेस्बुक ने ऐसे खाते इसलिए बनाए थे ताकि लोग कुछ ऐसे विषयों पर बात कर सके जो किसी एक व्यक्ति से ज़्यादा बड़े हैं। फ़ेस्बुक पेज बेहद कारगर माध्यम हो सकते हैं सामाजिक मुद्दों पर बात करने का और इसीलिए हमने भी एक फ़ेस्बुक पेज बनाया। एक निजी खाते और पेज में जो सबसे बेसिक या मूलभूत अंतर है वो यह है की आप एक पेज को लाइक और सब्स्क्राइब करते हैं वहीं एक निजी खाते को आप अपनी फ़्रेंड लिस्ट में जोड़ते हैं।

अंतिम प्रकार के जो खाते होते हैं उनके हम समूह/ग्रूप खाते या (Group Accounts) बोलते हैं। जैसा की इनके नाम से मालूम पड़ता है यह खाते कई निजी खातों को एक समूह में जोड़ने का काम करते हैं जहाँ वे किसी एक ख़ास मुद्दे या विषय पर बात कर सकते हैं। ग्रूप दो प्रकार के हॉट होते हैं - खुले (Open) अथवा बंद (Closed) - खुले ग्रूप में कोई भी व्यक्ति जिसका फ़ेस्बुक पर खाता है शामिल हो सकता है, वहीं एक बंद ग्रूप में शामिल होने के लिए ग्रूप के किसी सदस्य से निमंत्रण की ज़रूरत होती है।

चलिए अब यह समझते हैं लाइक का क्या मतलब होता है। आप फ़ेस्बुक पर पेज को, पोस्ट को या फ़ोटो को लाइक कर सकते हैं। लाइक करने का अर्थ है आप उस पेज, पोस्ट या फ़ोटो को पसंद करते हैं। इसके लिए आपको बस लाइक बटन पे क्लिक करना होता है। उदाहरण के तौर पे नीचे दिया गया लाइक बटन देखे।

जब आप किसी पेज या पोस्ट या फ़ोटो को अपने मित्रों के साथ साझा करना चाहें तो आप उसे शेयर कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पे ऊपर दिए गए शेयर बटन पर क्लिक करने से आप इस ब्लॉग पोस्ट को अपने मित्रों के साथ शेयर कर सकते हैं।

आशा करता हूँ की आपको इस पोस्ट में दी जानकारी पसंद आयी होगी। अगर आपको कोई सुझाव हो तो आप मुझे मेरे ईमेल (contact@pradeep.vip) पे भेज सकते है। आप इस पोस्ट पे कॉमेंट करके मुझ तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं।


प्रदीप सिंह

मेरा नाम प्रदीप है और में यहाँ एक मेहमान लेखक हूँ। अपने व्यग्तिगत जीवन में मैं दो चुलबुली बेटीयों का पिता होने की वजह से मुझे नारी व्यक्तित्व को बेहद नज़दीक से देखने का अवसर प्राप्त हुआ है।