चंद्रिमा साहा बनी INSA की पहली महिला अध्यक्ष!

women empowerment अग. १४, २०१९


चंद्रिमा शाहा को भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) का पहला महिला अध्यक्ष चुना गया है। फोटोग्राफर शम्भू साहा और पेंटर करुणा साहा के घर 14 अक्टूबर 1952 को चंद्रिमा साहा का जन्म हुआ। शम्भू साहा पेशेवर फोटोग्राफर थे और नोबेल विजेता रवीन्द्रनाथ ठाकुर के आखिरी दिनों की तस्वीरें खींचकर मशहूर हुए थे। चंद्रिमा की मां कलकत्ता के आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स कॉलेज में पढ़ाई करने वाली शुरुआती महिलाओं में से एक थी। पेंटिंग के क्षेत्र में उनका अपना स्थान है। ब्रिटिश भारत में उन्होंने यूनियन जैक खींचकर उतार दिया था। जिसकी वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

शिक्षा

चंद्रिमा साहा ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से ग्रुजुएशन और मास्टर्स तक की पढ़ाई की है। 1980 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी में उनकी रिसर्च पूरी हुई। उसी साल आगे की पढ़ाई और शोध के लिए चंद्रिमा अमेरिका की कंसास विश्वविद्याय का रुख किया। उसके बाद पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च के लिए 1984 तक न्यूयॉर्क में रहीं।

विज्ञान में रूचि

चंद्रिमा को बचपन में एक टेलीस्कोप मिला था। उससे वो सूदूर अंतरिक्ष में तारों की हरकतों पर नजर रखती थी। फिर उन्हें मिला एक माइक्रोस्कोप और उसने उनके करियर की दशा और दिशा ही बदल दी। घर के आस-पास जितने भी पानी के सैंपल मिले। उन्होंने उसे माइक्रोस्कोप के पैनल पर जांचा।

उपलब्धियाँ

CELL(सेल) या कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है। हमारा शरीर करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बना है। हमारे शरीर में पुरानी सेल्स का मरना और नई सेल्स का बनना निरंतर चलता रहता है। चंद्रिमा साहा का काम इन्हीं सेल्स के मरने के पीछे की बारीकियों से जुड़ा है। इस रिसर्च का इस्तेमाल कैंसर की दवाईयां बनाने के लिए भी किया जा चुका है। वो कालाजार बीमारी पर भी ख़ूब गहरायी से रिसर्च कर चुकी हैं। उनके नाम पर 80 से ज्यादा रिसर्च पेपर दर्ज हैं।

हम चंद्रिका साहा को बेहद शुभकामनाएँ देते हैं और उनको उनकी इस नयी उपलब्धि पर बधाई देना चाहते हैं। मुझे आशा है की उनको देखकर करोड़ों महिलाओं और बेटियों को प्रोत्साहन मिलेगा और वो भी नयी ऊँचायियों को छूने को लालायित होंगी। आप भी अपनी बेटियों को पंख देते रहिए और फिर देखिए उनकी उड़ान।

* Sources:


सुमित सिंह

मेरा नाम सुमित सिंह है। मैंने इतिहास में स्नातकोत्तर किया है तथा मैं दो सुंदर बेटियों की माँ हूँ।मैंने यह ब्लॉग मेरे जैसी अन्य महिलाओं से बात करने के लिए बनाया हैं।