आख़िर लड़की ही क्यों?

daughters अग. २२, २०१९


एक  लड़की की जीवन में क्या अहमियत है इस बात को तो सभी जानते है ।बिना एक लड़की के जीवन के किसी भी सुख की कामना नहीं की जा सकती।कहीं ये एक बेटी का रोल अदा करती है तो कहीं पत्नी का, कहीं माँ का तो कहीं दादी का,कहीं बहन का तो कहीं भाभी का।जीवन का कोई भी पल इनके बिना अधूरा है। सच कहूँ तो जीवन की हर ख़ुशी का आधार हैं लड़कियाँ।

मेरी इन सब बातों से आप लोग सहमत होंगे पर फिर भी जब आप किसी गर्भवती महिला को देखते है तो सबसे पहले उसे जाकर बोलते हैं "मुझे लगता है आपको बेटा ही होगा" क्या किसी को देखा है ये बोलते हुए की "आपको तो बेटी ही होगी"? नहीं ना! जब मेरे सामने ऐसी स्थिति होती है तो सोचती हूँ आख़िर लड़का ही क्यों लड़की क्यों नहीं? मुझे ये सवाल अंदर से बहुत कचोट देता है कि ऐसा लड़का क्या कर सकता है जो लड़की नहीं? अगर आपका जवाब है कुछ नहीं, तो फिर लड़का ही क्यों? और अगर आपका जवाब है कर सकता है तो मुझे बताईए क्या? और अगर आपके पास कोई भी जवाब नहीं है तो एक बार आप वृद्धाश्रम में जाकर आयें या फिर उन पीड़ित लड़कियों से मिलकर आएँ जिनका बलात्कार हुआ है। सुनने में आपको थोड़ा अजीब लगेगा पर फ़र्क़ आपको पता चल जाएगा की ऐसा क्या है जो सिर्फ़ एक लड़का कर सकता है।

हम हर दिन कितने ही ऐसे कुकर्म देखते है जिनको अंजाम एक लड़के ने ही दिया होता है इन सब बातों को हम नज़रंदाज़ करके एक ही सुर बजाते रहते है और गर्भ में ही लड़की की हत्या कर देते है।

इस हत्या के पीछे क्या कारण है? शायद पिता समझता है क़ि बेटी की शादी में दहेज देना पड़ेगा या आजकल एक नयी बात भी सामने आ रही है कि बेटी है तो बलात्कार हो जाएगा इसलिए इसको गर्भ में ही ख़त्म कर देते हैं।

जो माँ अपने बच्चे को ९ महीने अपने गर्भ में रखने के बाद, उसे ४४ हड्डियाँ टूटने के बराबर दर्द सहन करके जन्म देती है उसको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उसने एक लड़के को जन्म दिया है या एक लड़की को, तो फिर आपने तो कुछ भी नहीं किया फिर आपको क्यों इतना फ़र्क़ पड़ता है?

बहुत से लोग ये मानते है कि लड़के के बिना वंश नहीं चलता इसलिए लड़के की ज़रूरत होती है। आप मुझे ये बताईए  क़ि क्या लड़की को आपने जन्म नहीं दिया? जब आपके द्वारा जन्मी एक संतान आपका वंश बढ़ा सकती है तो दूसरी संतान को भी तो आपने ही जन्म दिया है। तो क्या किसी दूसरे घर में जाकर रहने से लड़की आपकी संतान नहीं रहती? अगर रहती है तो फिर क्या फ़र्क़ पड़त्ता है कि वह किस घर में रहती है। जब वो आज भी आपकी बेटी है तो उसके द्वारा जन्मी संतान भी आपका ही तो वंश हुआ ना।

इन सब पुरानी विचारधाराओं से उपर उठ कर इसके बारे में विचार करें कि आख़िर क्यों हम इस छोटी सी बात को समझ नहीं पाते? लड़कियाँ हमारा वो अंश हैं जिसके होते हुए हमें वंश की चिंता करने की ज़रूरत नहीं।

हमारी सोच बदलेगी तभी समाज बदलेगा।पहले अपनी सोच को बदलें।आपके इस बारे में क्या विचार हैं मुझे कॉमेंट करके बताइए।


सुमित सिंह

मेरा नाम सुमित सिंह है। मैंने इतिहास में स्नातकोत्तर किया है तथा मैं दो सुंदर बेटियों की माँ हूँ।मैंने यह ब्लॉग मेरे जैसी अन्य महिलाओं से बात करने के लिए बनाया हैं।